
चंबा। शरारती तत्वों ने विजिलेंस में अवैध कटान की फर्जी शिकायत दर्ज करवाकर दो माह तक उसे साहो के जंगलों खूब दौड़ाया। यही नहीं कर्मचारियों को जंगलों में जगह-जगह छापे मारने को मजबूर कर दिया। जानकारी के मुताबिक लगभग तीन माह पहले मनसा राम नाम के किसी व्यक्ति ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि साहो क्षेत्र के चुरला, साहो और कीड़ी के जंगलों में अवैध रूप से देवदार के पेड़ काटे जा रहे हैं। उसने बताया कि यह अवैध कटान संबंधित विभाग की मिलीभगत से हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने इन जंगलों में जगह-जगह छापामारी शुरू कर दी। लगभग दो माह पर तक विजिलेंस के कर्मचारी साहो के जंगलों की छानबीन करते रहे, लेकिन उन्हें कुछ भी हाथ नहीं लगा। इसके बाद विजिलेंस ने जब शिकायतकर्ता से बातचीत करनी चाही तो शिकायतकर्ता ही फर्जी निकला। मनसा राम नाम का कोई भी व्यक्ति साहो पंचायत में मौजूद नहीं था। इस बारे में विजिलेंस ने पंचायत प्रधान से पूरा रिकार्ड मांगा, लेकिन जिस पते से शिकायत मिली थी वो पता फर्जी पाया गया। इसके बाद विजिलेंस ने ग्राम पंचायत बाट के पूर्व प्रधान मोती राम से भी इस मामले बारे जवाब तलब किया। विजिलेंस विभाग के सब इंसपेक्टर सुरजीत कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने जंगलों की चेकिंग की है। उन्होंने कहा कि जब शिकायतकर्ता के बारे में पता किया गया तो वह फर्जी पाया गया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह किसी शरारती तत्व की शरारत हो। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की ओर से सभी जंगलों की छानबीन की गई, लेकिन अवैध कटान के किसी प्रकार के सुबूत नहीं मिले हैं। अगर कोई इस मामले में सामने आकर साक्ष्य मुहैया करवाता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
